सिवान के ऐतिहासिक-धार्मिक स्थलों का होगा विकास, डीएम ने किया दौरा, बनेगी डीपीआर

सिवान डीएम ने जीरादेई, गुठनी, मैरवा और दरौली के ऐतिहासिक-धार्मिक स्थलों का दौरा कर सुविधाओं के विकास के लिए डीपीआर बनाने की तैयारी शुरू कराई।

SubhNews डेस्क25 October 20262 min read0 viewsसिवान
सिवान के ऐतिहासिक-धार्मिक स्थलों का होगा विकास, डीएम ने किया दौरा, बनेगी डीपीआर

सिवान के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को पर्यटन के नक्शे पर मजबूती से लाने के लिए जिला प्रशासन ने काम तेज कर दिया है। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा ने शनिवार (17 अक्टूबर) को कई प्रखंडों के पर्यटन स्थलों का दौरा किया और वहां की सुविधाओं व विकास की संभावनाओं का आकलन किया। उन्होंने अधिकारियों को जरूरी जानकारी जल्द जुटाने को कहा है, ताकि विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया जा सके।

तितिरा स्तूप से शुरुआत

दौरे की शुरुआत जीरादेई प्रखंड के तितिरा स्तूप से हुई, जो ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है। जिलाधिकारी ने यहां मौजूद व्यवस्थाओं और आगे के विकास की संभावनाओं के बारे में स्थानीय प्रशासन से जानकारी ली। जीरादेई देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जन्मभूमि के रूप में पहले से ही देशभर में जाना जाता है।

गुठनी के मंदिर और घाट

इसके बाद जिलाधिकारी गुठनी प्रखंड पहुंचे, जहां उन्होंने सोहगरा स्थित बाबा हंसनाथ मंदिर, रामजानकी मंदिर और ग्यासपुर घाट का जायजा लिया। बाबा हंसनाथ मंदिर के विशाल शिवलिंग के दर्शन के लिए खासकर सावन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। रामजानकी मंदिर और ग्यासपुर घाट भी आसपास के लोगों की आस्था के बड़े केंद्र हैं। यहां मंदिर समितियों के सदस्यों से सुविधाओं के विस्तार पर बातचीत की गई।

मैरवा और दरौली के स्थल भी शामिल

मैरवा प्रखंड में जिलाधिकारी ने बाबा हरिराम ब्रह्मस्थल और चननिया डीह मंदिर देखा, जहां सालभर श्रद्धालुओं का आना-जाना रहता है और मांगलिक कार्यक्रम भी होते हैं। दरौली प्रखंड में द्रोणाचार्य मंदिर और चकरी मंदिर का निरीक्षण किया गया। चकरी मंदिर अपने ऊंचे शिवलिंग और माता की विशाल प्रतिमा के कारण लोगों के बीच खास स्थान रखता है।

डीपीआर के बाद आगे की कार्रवाई

रिपोर्ट के अनुसार, जिलाधिकारी ने कहा कि सभी स्थलों से जुटाई गई जानकारी के आधार पर डीपीआर बनाई जाएगी और फिर विकास का काम आगे बढ़ेगा। दौरे में विशेष कार्य पदाधिकारी बालेंदु नारायण पांडेय, प्रभारी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी उपेंद्र कुमार यादव, पर्यटन शाखा की प्रभारी वरीय उपसमाहर्ता नीलम कुमारी, संबंधित प्रखंडों के बीडीओ-सीओ और भवन निर्माण विभाग के अभियंता भी शामिल रहे।

स्थानीय लोगों को क्या मिलेगा

अगर इन स्थलों पर सड़क, पेयजल, शौचालय, रोशनी और ठहरने जैसी बुनियादी सुविधाएं बेहतर होती हैं, तो श्रद्धालुओं और पर्यटकों का अनुभव सुधरेगा। इससे स्थानीय दुकानदारों, वाहन चालकों और छोटे कारोबारियों के लिए भी कमाई के नए मौके बन सकते हैं। सिवान की पहचान अब तक मुख्य रूप से जीरादेई से जुड़ी रही है; इस पहल से जिले की दूसरी धरोहरें भी सामने आ सकती हैं।

स्रोत: दैनिक जागरण

फीचर्ड तस्वीर: Ancestral house of Dr. Rajendra Prasad at Ziradei, Siwan (ASI monument N-BR-65), photo by Wasimakhtar220, CC BY-SA 4.0 via Wikimedia Commons. स्रोत

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