मोतिहारी सदर अस्पताल में अत्याधुनिक हब लैब शुरू, करीब 91 तरह की जांच की तैयारी
मोतिहारी सदर अस्पताल में अत्याधुनिक हब लैब शुरू। सीबीसी समेत कई जांच चालू, 91 तरह की जांच और हब एंड स्पोक मॉडल से गांवों तक लाभ।

पूर्वी चंपारण के मरीजों के लिए राहत की खबर है। मोतिहारी के जिला सदर अस्पताल में अत्याधुनिक हब लैब (पैथोलॉजी जांच प्रयोगशाला) का संचालन शुरू हो गया है। प्रभात खबर की 24 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, इससे गंभीर बीमारियों की जांच के लिए मरीजों को निजी जांच केंद्रों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और जेब पर बोझ भी कम होगा।
करीब 91 तरह की जांच की तैयारी
रिपोर्ट के मुताबिक, हब लैब में करीब 91 प्रकार की जांच की व्यवस्था की जा रही है। फिलहाल सीबीसी (कंप्लीट ब्लड काउंट) समेत कई जांच शुरू हो चुकी हैं, जबकि कुछ जांच अभी शुरू होनी बाकी हैं। शनिवार को लगभग 50 मरीजों की जांच की गई। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि लैब में रोज सैकड़ों नमूनों की जांच की क्षमता है, जिससे रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा।
सदर अस्पताल प्रबंधक कौशल किशोर दुबे ने बताया कि हब लैब में आधुनिक तकनीक से पैथोलॉजी जांच की सुविधा दी जा रही है, जिससे रिपोर्ट कम समय में मिलेगी और मरीजों को बेहतर सेवा मिल सकेगी।
27 तकनीशियनों की तैनाती की योजना
मरीजों की संख्या को देखते हुए लैब के संचालन को और मजबूत करने की तैयारी है। इसके लिए कुल 27 तकनीशियनों को तैनात करने की योजना है, ताकि जरूरत के मुताबिक चौबीसों घंटे जांच की सुविधा दी जा सके। आधुनिक मशीनों की मदद से सामान्य खून जांच के साथ कई जटिल जांचें भी अब जिला अस्पताल में ही हो सकेंगी।
एक छत के नीचे कई जांच
अब तक कई मरीजों को अलग-अलग जांच के लिए निजी प्रयोगशालाओं या दूसरे केंद्रों का चक्कर लगाना पड़ता था, जिससे समय और पैसा दोनों खर्च होते थे। हब लैब शुरू होने से एक ही जगह पर ज्यादा तरह की जांच हो सकेगी।
गांव के मरीजों तक पहुंचेगा फायदा: हब एंड स्पोक मॉडल
इस लैब को 'हब एंड स्पोक' मॉडल पर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। इसके तहत अलग-अलग प्रखंडों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) से नमूने इकट्ठा कर जांच के लिए सदर अस्पताल भेजे जाएंगे। यानी गांव का मरीज अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर नमूना देकर जिला अस्पताल की आधुनिक लैब की सुविधा पा सकेगा।
आम लोगों के लिए क्या मायने
समय पर सही जांच से बीमारी की पहचान जल्दी होती है और इलाज भी सही दिशा में शुरू हो पाता है। गरीब और ग्रामीण परिवारों के लिए, जिनके लिए निजी लैब का खर्च भारी पड़ता है, यह सुविधा खास मायने रखती है। जांच कराने से पहले मरीज अस्पताल के काउंटर पर उपलब्ध जांचों की ताजा सूची जरूर पूछ लें।
स्रोत: प्रभात खबर
फीचर्ड तस्वीर: मोतिहारी शहर का मीना बाजार इलाका (फाइल फोटो, खबर से जुड़ी तस्वीर नहीं)। फोटो: Saddam19, Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0. स्रोत