'परख' कार्यशाला के लिए पूर्वी चंपारण से चुने जाएंगे दो शिक्षक, पटना में मिलेगा प्रशिक्षण
बिहार बोर्ड की 2-5 नवंबर की पटना कार्यशाला में पूर्वी चंपारण के दो +2 शिक्षकों को प्रश्न पत्र निर्माण और समग्र प्रगति पत्रक का प्रशिक्षण मिलेगा।

पूर्वी चंपारण के शिक्षकों के लिए एक अहम अवसर आया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत छात्रों के आकलन और मूल्यांकन के मानक तय करने वाली संस्था 'परख' से जुड़े काम के लिए जिले से +2 स्तर के दो योग्य शिक्षकों का चयन किया जाएगा। प्रभात खबर की 24 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के सचिव ने इस बारे में जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र भेजकर चुने गए शिक्षकों का पूरा विवरण जल्द भेजने को कहा है।
क्या है 'परख'
'परख' देश के सभी मान्यता प्राप्त स्कूल बोर्डों में छात्रों के आकलन और मूल्यांकन के लिए मानक तय करने वाली संस्था है। इसका उद्देश्य यह है कि परीक्षा केवल रटने की जांच न रहे, बल्कि बच्चों की समझ और कौशल का सही आकलन करे।
2 से 5 नवंबर तक पटना में कार्यशाला
रिपोर्ट के मुताबिक, चुने गए शिक्षकों के लिए 2 से 5 नवंबर तक पटना में चार दिन की विशेष आवासीय कार्यशाला होगी। इसमें शिक्षकों को आधुनिक तरीके से प्रश्न पत्र बनाने और उनकी समीक्षा करने, माध्यमिक स्तर के समग्र प्रगति पत्रक (होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड) और 'परख' वर्गीकरण जैसे विषयों पर गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जिले में तैयार होंगे मास्टर ट्रेनर
इस पहल का बड़ा मकसद प्रश्न पत्र निर्माण और वैज्ञानिक मूल्यांकन पद्धति में प्रशिक्षित शिक्षकों का एक समर्पित समूह (कैडर) तैयार करना है। पटना से प्रशिक्षण लेकर लौटने के बाद ये शिक्षक पूर्वी चंपारण के दूसरे शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने और आधुनिक तरीके से प्रश्न पत्र तैयार करने में मदद करेंगे। यानी दो शिक्षकों का प्रशिक्षण आगे चलकर जिले के कई स्कूलों तक पहुंचेगा।
समग्र प्रगति पत्रक से क्या बदलेगा
समग्र प्रगति पत्रक में बच्चे के केवल अंक नहीं, बल्कि उसकी पढ़ाई, व्यवहार, रचनात्मकता, खेल और दूसरी गतिविधियों की प्रगति भी दर्ज की जाती है। इससे अभिभावकों को अपने बच्चे की पूरी तस्वीर मिलती है और शिक्षक भी यह समझ पाते हैं कि किस बच्चे को किस क्षेत्र में ज्यादा मदद चाहिए।
छात्रों को सीधा फायदा
अच्छे प्रश्न पत्र वही होते हैं जो बच्चों की सोचने-समझने की क्षमता को परखें। जब जिले के शिक्षक इस तरह के प्रश्न तैयार करने में दक्ष होंगे, तो स्कूल की परीक्षाएं भी बेहतर होंगी और छात्र बोर्ड तथा प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अधिक तैयार होंगे।
जिला शिक्षा विभाग की ओर से चुने गए शिक्षकों के नाम भेजे जाने के बाद यह साफ होगा कि जिले का प्रतिनिधित्व कौन करेगा। सुभन्यूज इस पर आगे की जानकारी देगा।
स्रोत: प्रभात खबर
फीचर्ड तस्वीर: पूर्वी चंपारण के रक्सौल का एक विद्यालय भवन (प्रतीकात्मक, खबर से जुड़ी तस्वीर नहीं)। फोटो: Del4356b, Wikimedia Commons, CC0. स्रोत