गोपालगंज: कृषि यंत्र अनुदान के लिए 1816 किसानों के आवेदन मंजूर, नवंबर में मेला
गोपालगंज में कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत 1816 किसानों के आवेदन स्वीकृत। 86 तरह के यंत्र, 4.84 करोड़ अनुदान, नवंबर के पहले सप्ताह में मेला।

गोपालगंज जिले के किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र दिलाने की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत अनुदान के लिए आवेदन करने वाले 1816 किसानों के आवेदन स्वीकृत कर दिए गए हैं। अब इन किसानों को परमिट जारी होने का इंतजार है, जिसके बाद वे तय प्रक्रिया से यंत्र खरीद सकेंगे।
2163 किसानों का लक्ष्य, 4.84 करोड़ का अनुदान
जिला कृषि विभाग के अनुसार, इस योजना में कुल 2163 किसानों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 4.84 करोड़ रुपये के अनुदान का प्रावधान किया गया है। योजना में 86 तरह के कृषि यंत्र शामिल हैं, ताकि किसान अपनी जरूरत और खेती के हिसाब से मशीन चुन सकें।
सबसे ज्यादा 1048 किसानों को छोटे कृषि हस्त उपकरणों की किट दी जानी है। ऐसे औजार रोजमर्रा के खेती के छोटे कामों को आसान बनाते हैं और समय व मेहनत दोनों बचाते हैं।
अनुदान पाने की प्रक्रिया
रिपोर्ट के अनुसार, अनुदान के लिए किसान को खरीद के समय पहले पूरी राशि खुद चुकानी होगी। परमिट मिलने के बाद किसान नियमों के अनुसार यंत्र खरीदेंगे, फिर उस यंत्र की जांच और सत्यापन होगा। सत्यापन पूरा होने के बाद अनुदान की रकम डीबीटी के जरिये सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
इसलिए किसानों को सलाह है कि वे पहले से पूरी रकम का इंतजाम रखें और सत्यापन पूरा होने तक धैर्य रखें।
नवंबर के पहले सप्ताह में यंत्रीकरण मेला
जिला कृषि पदाधिकारी ललन कुमार सुमन ने बताया कि किसानों को जल्द परमिट जारी कर दिए जाएंगे। इसके बाद नवंबर के पहले सप्ताह में किसान यंत्रीकरण मेला लगाया जाएगा, जहां योजना के तहत यंत्रों की खरीद हो सकेगी।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
- परमिट और योजना के निर्देशों के अनुसार ही यंत्र खरीदें, ताकि अनुदान में अड़चन न आए।
- खरीद की रसीद और यंत्र से जुड़े कागज संभालकर रखें, सत्यापन में इनकी जरूरत पड़ती है।
- बैंक खाता आधार से जुड़ा और सक्रिय हो, ताकि डीबीटी की राशि बिना रुकावट आए।
- किसी शंका पर प्रखंड कृषि कार्यालय या जिला कृषि कार्यालय से संपर्क करें।
खेती में बदलाव की उम्मीद
कृषि यंत्रों से जुताई, बुवाई, कटाई और दूसरे कामों में लगने वाला श्रम और समय घटता है और उत्पादकता बढ़ती है। गोपालगंज जैसे कृषि प्रधान जिले में बड़ी संख्या में किसानों तक मशीनें पहुंचने से खेती का तरीका और आसान व आधुनिक होने की उम्मीद है।
स्रोत: हिंदुस्तान (लाइव हिंदुस्तान)
फीचर्ड तस्वीर: Representative photo: a TAFE 6028M tractor on display, photo by MarcelX42, CC BY-SA 4.0 via Wikimedia Commons. स्रोत