सिवान समेत पांच जगह निजी विश्वविद्यालय का प्रस्ताव, विक्रमशिला के पुनरुद्धार को 220 एकड़
निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2026: सिवान की बी.जी. यूनिवर्सिटी समेत पांच विश्वविद्यालय प्रस्तावित। कहलगांव में विक्रमशिला विश्वविद्यालय को 220 एकड़।

बिहार में उच्च शिक्षा के विकल्प बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं। इनमें सबसे अहम है बिहार निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2026, जिसके जरिए राज्य में निजी विश्वविद्यालय खोलने की प्रक्रिया आसान बनाई जा रही है। खास बात यह है कि प्रस्तावित पांच नए निजी विश्वविद्यालयों में एक सिवान में भी है।
कहां-कहां प्रस्तावित हैं नए विश्वविद्यालय
सितंबर 2026 में सामने आई जानकारी के अनुसार ये पांच निजी विश्वविद्यालय प्रस्तावित हैं:
- बी.जी. यूनिवर्सिटी – सिवान
- हिमालयन यूनिवर्सिटी – पटना परिसर
- शांजा यूनिवर्सिटी – मधुबनी
- एस.ए. यूनिवर्सिटी – अशोक नगर, नवादा
- सीतियोग यूनिवर्सिटी – जसोईया मोड़, औरंगाबाद
सिवान में विश्वविद्यालय बनने से सारण प्रमंडल और आसपास के जिलों, जैसे गोपालगंज और छपरा, के विद्यार्थियों को घर के पास ही अलग-अलग विषयों की पढ़ाई का एक और विकल्प मिल सकता है। अभी इस क्षेत्र के बहुत से छात्र-छात्राएं प्रोफेशनल कोर्स के लिए पटना, वाराणसी, दिल्ली या दूसरे राज्यों का रुख करते हैं।
विक्रमशिला का पुनरुद्धार
प्राचीन भारत के प्रसिद्ध शिक्षा केंद्रों में गिने जाने वाले विक्रमशिला महाविहार की धरती पर फिर से विश्वविद्यालय बसाने की तैयारी आगे बढ़ी है। भागलपुर जिले के कहलगांव में प्रस्तावित विक्रमशिला विश्वविद्यालय के लिए सरकार ने 220 एकड़ जमीन स्वीकृत की है। 22 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में भी इसके लिए जमीन हस्तांतरण का काम जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया।
अन्य बड़े प्रस्ताव
इसी शिक्षा सुधार पैकेज में कुछ और प्रस्ताव भी शामिल हैं:
- BHU का बिहार परिसर: शिक्षा मंत्री के अनुसार बनारस हिंदू विश्वविद्यालय प्रशासन और केंद्र सरकार से बातचीत चल रही है; मंजूरी मिलने पर राज्य जमीन और सुविधाएं देगा।
- NSD परिसर: राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय का परिसर बिहार में खोलने पर सैद्धांतिक सहमति मिलने की बात कही गई है।
- AI और डिजिटल शिक्षा: Google के साथ समझौते के तहत शिक्षकों को AI प्रशिक्षण और चुनिंदा स्कूलों में AI लैब की योजना है।
विद्यार्थियों के लिए जरूरी बात
ये सभी प्रस्ताव अलग-अलग चरणों में हैं। कोई भी निजी विश्वविद्यालय तभी दाखिला ले सकता है जब उसे राज्य सरकार की अधिसूचना और UGC जैसी नियामक संस्थाओं की मान्यता मिल जाए। इसलिए किसी भी नए संस्थान में नामांकन से पहले उसकी मान्यता UGC की वेबसाइट (ugc.gov.in) पर जरूर जांच लें।
क्यों है यह अच्छी खबर
नए विश्वविद्यालयों से सीटें बढ़ेंगी, कोर्सों की विविधता बढ़ेगी और राज्य के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बाहर जाने की मजबूरी कम होगी। विक्रमशिला जैसे ऐतिहासिक केंद्र के पुनरुद्धार से बिहार की ज्ञान परंपरा को नई पहचान मिल सकती है।
स्रोत: पटना प्रेस (15 सितंबर 2026), देशज टाइम्स (22 अक्टूबर 2026)
फीचर्ड तस्वीर: भागलपुर के कहलगांव स्थित प्राचीन विक्रमशिला महाविहार के अवशेष। फोटो: Jai Anga, CC0, Wikimedia Commons. स्रोत