बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना पांच साल और बढ़ी, 2026-27 में ₹950 करोड़ का प्रावधान
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना 2026-31 तक बढ़ाई गई। 2026-27 के लिए ₹950 करोड़। पात्रता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन की प्रक्रिया जानें।

12वीं के बाद पैसों की कमी से पढ़ाई छूट जाने का डर अब कम होगा। बिहार सरकार ने बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को अगले पांच वर्षों, यानी 2026-31 तक जारी रखने और मजबूत करने का फैसला लिया है। राज्य मंत्रिमंडल के इस निर्णय की जानकारी अगस्त 2026 में दी गई थी।
बजट और अब तक की उपलब्धि
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अनुसार वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना पर ₹950 करोड़ खर्च करने का प्रावधान किया गया है। अब तक 4.81 लाख से अधिक आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं और 4.15 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को लगभग ₹8,865 करोड़ की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है। ये आंकड़े बताते हैं कि यह योजना राज्य के लाखों परिवारों के लिए उच्च शिक्षा का सहारा बनी है।
योजना क्या है
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना 'सात निश्चय' कार्यक्रम का हिस्सा है। इसके तहत 12वीं पास विद्यार्थी स्नातक, इंजीनियरिंग, मेडिकल, नर्सिंग, पॉलिटेक्निक, प्रबंधन और अन्य मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों के लिए शिक्षा ऋण ले सकते हैं। ऋण की राशि से कॉलेज की फीस के साथ-साथ किताबें, हॉस्टल और रहने का खर्च भी पूरा किया जा सकता है। ऋण की राशि सीमा, ब्याज दर और चुकाने की शर्तें बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम तय करता है, इसलिए आवेदन से पहले पोर्टल पर ताजा नियम जरूर देखें।
कौन ले सकता है लाभ
- बिहार का निवासी हो
- 12वीं पास हो और आगे की पढ़ाई के लिए किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में नामांकन लिया हो या लेने वाला हो
- योजना की आयु सीमा और पाठ्यक्रम सूची की शर्तें पूरी करता हो
आवेदन कैसे करें
- सात निश्चय पोर्टल 7nishchay-yuvaupmission.bihar.gov.in पर पंजीकरण करें।
- लॉगिन कर 'बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड' योजना चुनें और फॉर्म भरें।
- अपने जिले के DRCC (जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र) में तय तारीख पर दस्तावेज सत्यापन कराएं।
आमतौर पर आधार, 10वीं-12वीं के अंकपत्र, निवास प्रमाणपत्र, नामांकन से जुड़ा पत्र, फीस का विवरण, बैंक पासबुक और अभिभावक के दस्तावेज मांगे जाते हैं।
सिवान-छपरा के विद्यार्थियों के लिए सलाह
सारण और चंपारण क्षेत्र के बहुत से छात्र पटना, दिल्ली या दक्षिण भारत के संस्थानों में पढ़ने जाते हैं। ऐसे विद्यार्थियों के लिए यह योजना फीस और रहने के खर्च का बोझ हल्का करती है। दाखिला तय होते ही आवेदन कर दें, ताकि पहली किस्त समय पर मिल सके। किसी भी दिक्कत में DRCC की हेल्पलाइन या जिला कार्यालय से संपर्क करें, किसी बिचौलिए के झांसे में न आएं।
विस्तार क्यों अहम
पांच साल के विस्तार का मतलब है कि अभी 9वीं-10वीं में पढ़ रहे बच्चे भी आगे चलकर इस योजना का लाभ ले सकेंगे। परिवार पहले से योजना बनाकर बच्चों की उच्च शिक्षा की तैयारी कर सकते हैं।
स्रोत: Careers360 (13 अगस्त 2026), सात निश्चय पोर्टल, बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम
फीचर्ड तस्वीर: पटना के कॉलेज ऑफ कॉमर्स, आर्ट्स एंड साइंस का छात्र संघ कार्यालय। फोटो: AbhinavAnkur, CC BY-SA 4.0, Wikimedia Commons. स्रोत