बेटियों के शोध को सहारा: बालिका पीएचडी फेलोशिप में हर महीने ₹10,000 का प्रस्ताव
प्रस्तावित मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप: हर साल 1,000 छात्राएं, चार साल तक ₹10,000 मासिक। महिला विश्वविद्यालय और शिक्षक प्रशिक्षण विश्वविद्यालय भी।

स्नातकोत्तर के बाद शोध करने का सपना देखने वाली बिहार की बेटियों के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार के शिक्षा सुधार पैकेज में 'मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना' का प्रस्ताव शामिल है, जिसके तहत चुनी गई छात्राओं को पीएचडी के दौरान नियमित आर्थिक सहायता मिलेगी।
फेलोशिप में क्या मिलेगा
सितंबर 2026 में सामने आई जानकारी के अनुसार:
- हर साल 1,000 छात्राओं का चयन होगा
- चयनित छात्रा को चार वर्षों तक हर महीने ₹10,000 मिलेंगे
- इस हिसाब से एक छात्रा को पूरे शोध काल में लगभग ₹4.8 लाख की सहायता
- योजना के लिए ₹55 करोड़ का बजट प्रस्तावित है
पीएचडी में आमतौर पर चार-पांच साल लगते हैं और इस दौरान किताबों, फील्ड वर्क, यात्रा और रहने का खर्च परिवार पर भारी पड़ता है। कई होनहार छात्राएं इसी वजह से शोध छोड़कर जल्दी नौकरी या शादी की ओर मुड़ जाती हैं। यह फेलोशिप ऐसी छात्राओं को पढ़ाई जारी रखने का भरोसा दे सकती है।
महिला विश्वविद्यालय का प्रस्ताव
इसी पैकेज में एक महिला विश्वविद्यालय का प्रस्ताव भी है। प्रस्ताव के अनुसार इसमें केवल छात्राओं का नामांकन होगा, और कुलपति, प्राध्यापक, शिक्षक तथा प्रशासनिक पदों पर भी महिलाएं ही होंगी। ऐसा संस्थान उन परिवारों के लिए भी भरोसे का केंद्र बन सकता है जो बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर भेजने में हिचकते हैं।
शिक्षकों के लिए अलग विश्वविद्यालय
राज्य के लगभग सात लाख सरकारी शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए एक शिक्षक प्रशिक्षण विश्वविद्यालय भी प्रस्तावित है, जिसमें AI आधारित शिक्षण साधनों पर विशेष ध्यान रहेगा। शिक्षकों का प्रशिक्षण बेहतर होने का सीधा फायदा स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मिलेगा।
परीक्षा सुधार समिति
पैकेज में पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश हरीश कुमार की अध्यक्षता में परीक्षा सुधार समिति बनाने की बात भी है, जो BPSC, BSSC और BCECEB की परीक्षाओं की प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर काम करेगी। विद्यार्थियों की शिक्षा से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए विशेष सहायता शिविर लगाने की योजना भी है।
छात्राएं अभी क्या करें
फेलोशिप की आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और चयन के नियम अभी आधिकारिक रूप से जारी होने बाकी हैं। जो छात्राएं पीजी कर रही हैं या पीएचडी प्रवेश परीक्षा की तैयारी में हैं, वे अपने विश्वविद्यालय, जैसे जय प्रकाश विश्वविद्यालय छपरा या बीआरए बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर, और बिहार उच्च शिक्षा विभाग की सूचनाओं पर नजर रखें। साथ ही UGC-NET या विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा की तैयारी जारी रखें, क्योंकि पीएचडी में दाखिला पहली शर्त होगी।
स्रोत: पटना प्रेस (15 सितंबर 2026), बिहार शिक्षा विभाग
फीचर्ड तस्वीर: पटना विश्वविद्यालय का व्हीलर सीनेट हॉल परिसर। फोटो: Amitabha Gupta, CC BY 4.0, Wikimedia Commons. स्रोत