बिहार के करीब 300 बीएड कॉलेज बनेंगे बहुविषयक डिग्री कॉलेज, एक ही परिसर में कई कोर्स
बिहार में करीब 300 एकल बीएड संस्थान बहुविषयक डिग्री कॉलेज बनेंगे। छात्र एक ही परिसर में बीएड के साथ कला, विज्ञान, वाणिज्य और व्यावसायिक कोर्स पढ़ सकेंगे।

शिक्षक बनने की पढ़ाई कराने वाले बिहार के बीएड कॉलेजों का स्वरूप अब बदलने जा रहा है। राज्य सरकार ने लगभग 300 एकल (स्टैंडअलोन) शिक्षक-शिक्षा संस्थानों को 'बहुविषयक डिग्री कॉलेज' में बदलने और उनकी शैक्षणिक क्षमता मजबूत करने को मंजूरी दी है। यह फैसला अगस्त 2026 में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।
क्या बदलेगा
अब तक ये संस्थान केवल बीएड जैसे शिक्षक-प्रशिक्षण कोर्स चलाते थे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अनुसार बदलाव के बाद इन्हीं परिसरों में छात्र बीएड के साथ-साथ कला, विज्ञान, वाणिज्य और अन्य विषयों के स्नातक तथा व्यावसायिक कोर्स भी पढ़ सकेंगे। यानी एक ही कॉलेज में कई तरह की पढ़ाई का विकल्प होगा। उदाहरण के लिए, कोई छात्र स्नातक में विज्ञान पढ़ते हुए उसी परिसर के शिक्षण अभ्यास और पुस्तकालय का लाभ ले सकेगा, और आगे शिक्षक बनने का रास्ता भी उसके सामने खुला रहेगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति से जुड़ाव
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 बहुविषयक संस्थानों पर जोर देती है। नीति के अनुसार शिक्षक-शिक्षा को धीरे-धीरे बहुविषयक कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के भीतर लाया जाना है, ताकि भावी शिक्षक जिस विषय को पढ़ाएंगे, उसकी गहरी समझ भी हासिल कर सकें। चार वर्षीय एकीकृत शिक्षक-शिक्षा कार्यक्रम (ITEP) जैसे कोर्स भी ऐसे ही संस्थानों में चलाए जाने की बात कही गई है। बिहार सरकार का यह कदम उसी दिशा में माना जा रहा है।
छात्रों को क्या फायदा
- पास में ज्यादा विकल्प: जिन कस्बों में अभी केवल बीएड कॉलेज है, वहां स्नातक के अन्य कोर्स भी उपलब्ध हो सकेंगे।
- कौशल आधारित पढ़ाई: व्यावसायिक कोर्स जुड़ने से रोजगार से जुड़ी पढ़ाई का रास्ता खुलेगा।
- बेहतर गुणवत्ता: सरकार का कहना है कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता, कौशल विकास, शोध और रोजगारोन्मुखी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
- संसाधनों का बेहतर उपयोग: मौजूदा भवन, पुस्तकालय और शिक्षकों का इस्तेमाल ज्यादा विद्यार्थियों के लिए हो सकेगा।
सारण-चंपारण क्षेत्र पर असर
सिवान, छपरा, गोपालगंज, बेतिया और मोतिहारी में बड़ी संख्या में बीएड कॉलेज चल रहे हैं। अगर इनमें से कई बहुविषयक कॉलेज बनते हैं, तो इन जिलों के विद्यार्थियों को स्नातक की पढ़ाई के लिए नए विकल्प घर के पास मिल सकते हैं।
आगे की प्रक्रिया
किन कॉलेजों में कौन-से नए कोर्स कब से शुरू होंगे, इसकी जानकारी संबंधित विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षा विभाग की अधिसूचनाओं से मिलेगी। नए कोर्स शुरू करने के लिए विश्वविद्यालय से संबद्धता और नियामक संस्थाओं की मंजूरी जैसी प्रक्रियाएं भी पूरी करनी होंगी। जो विद्यार्थी अगले सत्र में दाखिला लेने की सोच रहे हैं, वे अपने नजदीकी कॉलेज और विश्वविद्यालय पोर्टल की सूचनाओं पर नजर रखें।
स्रोत: Careers360 (13 अगस्त 2026), राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (शिक्षा मंत्रालय)
फीचर्ड तस्वीर: पटना कॉलेज का प्रशासनिक भवन। फोटो: Richa2704, CC BY-SA 3.0, Wikimedia Commons. स्रोत