जिन प्रखंडों में डिग्री कॉलेज नहीं थे, वहां बने 211 नए कॉलेजों को मिलेगा अपना भवन

बिहार के जिन प्रखंडों में डिग्री कॉलेज नहीं थे, वहां खुले 211 कॉलेजों को स्थायी भवन मिलेगा। 2,996 स्कूल भवन और 16,440 अतिरिक्त कक्षाएं भी बनेंगी।

SubhNews डेस्क25 October 20262 min read0 viewsशिक्षा
जिन प्रखंडों में डिग्री कॉलेज नहीं थे, वहां बने 211 नए कॉलेजों को मिलेगा अपना भवन

गांव और कस्बों के विद्यार्थियों को स्नातक की पढ़ाई के लिए अब दूर शहर जाने की मजबूरी कम होगी। बिहार सरकार ने उन प्रखंडों में खोले गए 211 नए डिग्री कॉलेजों के स्थायी परिसर जल्द बनाने का निर्देश दिया है, जहां पहले कोई डिग्री कॉलेज नहीं था।

समीक्षा बैठक में क्या तय हुआ

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 22 अक्टूबर 2026 को पटना के 1, अणे मार्ग स्थित लोक सेवक आवास के संकल्प सभागार में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में इन 211 कॉलेजों के स्थायी भवनों के निर्माण की प्रगति देखी गई। ये कॉलेज 'सात निश्चय-3' के 'उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य' लक्ष्य के तहत स्थापित किए गए हैं। अधिकारियों को काम में तेजी लाने का निर्देश दिया गया और भवनों के मॉडल डिजाइन तथा संशोधित लागत अनुमान पर भी चर्चा हुई।

स्कूलों में भी बढ़ेंगी कक्षाएं

उच्च शिक्षा के साथ-साथ स्कूली ढांचे पर भी बड़ा काम होना है। इस वित्तीय वर्ष में राज्य में 2,996 नए विद्यालय भवन और 16,440 अतिरिक्त कक्षाएं बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे भीड़ वाली कक्षाओं की समस्या कम होगी और बच्चों को पढ़ने के लिए बेहतर माहौल मिलेगा।

गुणवत्ता और शोध पर जोर

बैठक में सिर्फ भवनों की ही नहीं, पढ़ाई की गुणवत्ता की भी बात हुई। अधिकारियों को देश के प्रमुख विश्वविद्यालयों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) करने को कहा गया, ताकि बिहार के संस्थानों को शिक्षण और शोध में सहयोग मिल सके। ए.एन. सिन्हा संस्थान के पुनर्गठन और विक्रमशिला विश्वविद्यालय के लिए जमीन हस्तांतरण का काम जल्द पूरा करने का निर्देश भी दिया गया।

बैठक में शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

सारण-चंपारण के छात्रों के लिए क्या मायने

सारण, सिवान, गोपालगंज, पश्चिम और पूर्वी चंपारण जैसे जिलों के कई प्रखंडों में अब तक कॉलेज की पढ़ाई के लिए जिला मुख्यालय या पटना जाना पड़ता था। इसका असर खासकर बेटियों की पढ़ाई पर पड़ता था, क्योंकि रोज लंबी दूरी तय करना या शहर में रहना कई परिवारों के लिए कठिन होता है। प्रखंड स्तर पर कॉलेज और उनके पक्के भवन बनने से:

  • आने-जाने का खर्च और समय बचेगा
  • छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा आसान होगी
  • स्थानीय स्तर पर शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए रोजगार बनेगा
  • पुस्तकालय और प्रयोगशाला जैसी सुविधाएं गांव के करीब पहुंचेंगी

विद्यार्थी क्या करें

अपने प्रखंड में खुले नए डिग्री कॉलेज की जानकारी के लिए संबंधित विश्वविद्यालय, जैसे जय प्रकाश विश्वविद्यालय छपरा या बीआरए बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर, की वेबसाइट और नामांकन सूचनाएं देखते रहें। नए सत्र के दाखिले की तारीखें विश्वविद्यालय के पोर्टल पर ही जारी होती हैं।

स्रोत: देशज टाइम्स (22 अक्टूबर 2026), बिहार उच्च शिक्षा विभाग

फीचर्ड तस्वीर: पटना विश्वविद्यालय का व्हीलर सीनेट हॉल परिसर। फोटो: Amitabha Gupta, CC BY 4.0, Wikimedia Commons. स्रोत

Share:

Comments

Leave a comment