सोनपुर मेला 2026 की तैयारी तेज, 17 से 23 दिसंबर तक लगेगा पुस्तक मेला
सोनपुर मेला 2026 की तैयारी पर सारण डीएम और एसपी की बैठक। 17-23 दिसंबर तक पुस्तक मेला, लोकसंगीत, सूफी, कव्वाली और इंद्रधनुष कार्यक्रम होंगे।

विश्वप्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला 2026 को सफल, सुरक्षित और आकर्षक बनाने के लिए सारण जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शनिवार को जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई, जिसमें मेले से जुड़े अलग-अलग कोषांगों की प्रगति देखी गई। प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में बताया गया कि मेले के दौरान 17 से 23 दिसंबर 2026 तक पुस्तक मेला आयोजित किया जाएगा।
पुस्तक मेला और सांस्कृतिक कार्यक्रम
पशु मेले और धार्मिक आस्था के लिए मशहूर सोनपुर मेले में पुस्तक मेला पढ़ने-लिखने वालों के लिए खास आकर्षण होगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम कोषांग की समीक्षा में लोकनृत्य, लोकगायन, नामचीन पार्श्व गायकों की प्रस्तुति, सूफी संगीत, कव्वाली और आध्यात्मिक कार्यक्रम रखने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को कलाकारों और सांस्कृतिक समूहों से संपर्क कर कार्यक्रमों की सूची और तिथियां जल्द तय करने को कहा गया।
कला एवं संस्कृति विभाग के 'इंद्रधनुष' कार्यक्रम की तिथियां तय करने और विभाग के साथ तालमेल बिठाकर तैयारी आगे बढ़ाने का निर्देश भी दिया गया। इससे पहले सितंबर में प्रशासन ने स्थानीय और राज्यस्तरीय कलाकारों से सांस्कृतिक मंच के लिए 15 अक्टूबर तक आवेदन मांगे थे।
सफाई, रोशनी और सुरक्षा पर ध्यान
डीएम ने पूरे मेला क्षेत्र में नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा। घाटों पर स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखने पर बल दिया गया। अस्थायी विद्युतीकरण कोषांग को मेला परिसर के साथ वहां तक पहुंचने वाली प्रमुख सड़कों पर भी पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने का निर्देश मिला।
प्रदर्शनी, अतिथि और प्रचार
बैठक में सरकारी और निजी प्रदर्शनियों, विभागीय स्टॉल और दुकानों की तैयारी की जानकारी ली गई। स्वागत समिति को विशिष्ट अतिथियों की सूची बनाकर समय पर निमंत्रण भेजने को कहा गया। प्रचार-प्रसार कोषांग को मेले की गतिविधियों का नियमित प्रचार करने और स्मारिका कोषांग को स्मारिका के प्रकाशन की तैयारी आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया।
यातायात और पार्किंग
बैठक के आखिर में एसपी रोशन कुमार ने कहा कि मेले में भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए यातायात और पार्किंग को व्यवस्थित रखना जरूरी है। उन्होंने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया।
सोनपुर मेला कार्तिक पूर्णिमा के आसपास शुरू होकर कई हफ्तों तक चलता है और देश-विदेश से पर्यटक इसे देखने आते हैं। प्रशासन की कोशिश है कि इस बार मेला संस्कृति, साहित्य और सुविधा, तीनों मामलों में यादगार बने।
स्रोत: प्रभात खबर
फीचर्ड तस्वीर: सोनपुर पशु मेला, 1913 (ऐतिहासिक तस्वीर) | फोटो: अज्ञात / Wikimedia Commons (Public domain). स्रोत