छपरा जंक्शन पर घायल निराश्रित की रोटी बैंक ने कराई सर्जरी, आश्रय भी दिलाया
छपरा जंक्शन पर टूटे कूल्हे के साथ पड़े निराश्रित रमेश साह का रोटी बैंक और लायंस क्लब ऑफ छपरा ने ऑपरेशन कराया और ऋषि सेवा सदन में रहने की व्यवस्था की।

छपरा में सामाजिक संगठनों की तत्परता ने एक बेसहारा व्यक्ति को नई जिंदगी दी है। छपरा जंक्शन के प्लेटफॉर्म पर टूटे कूल्हे के साथ दर्द में पड़े निराश्रित रमेश साह का रोटी बैंक और लायंस क्लब ऑफ छपरा के सहयोग से ऑपरेशन कराया गया। प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार, इलाज के बाद उनके रहने और आगे की देखभाल का इंतजाम भी किया गया।
दो दिन नहीं आए तो शुरू हुई तलाश
रोटी बैंक शहर में जरूरतमंदों को नियमित भोजन बांटता है। रमेश साह रोज भोजन लेने आते थे। जब वे लगातार दो दिन नहीं पहुंचे, तो रोटी बैंक के पदाधिकारी रविशंकर उपाध्याय को चिंता हुई और उन्होंने साथियों के साथ उन्हें ढूंढना शुरू किया।
खोजबीन के दौरान रमेश साह छपरा जंक्शन के एक प्लेटफॉर्म के कोने में मिले। किसी दुर्घटना में उनका कूल्हा टूट गया था और वे दो दिनों से बिना इलाज के दर्द झेल रहे थे।
लायंस क्लब ने बढ़ाया हाथ
हालत देखते ही रविशंकर उपाध्याय ने लायंस क्लब ऑफ छपरा के अध्यक्ष लायन डॉ. उज्ज्वल कुमार वर्मा से बात की, जिन्होंने इलाज की जिम्मेदारी लेने पर सहमति दी। इसके बाद एंबुलेंस से रमेश साह को छपरा ऑर्थो केयर हॉस्पिटल ले जाया गया।
अस्पताल में एक्स-रे समेत जरूरी जांचों के बाद टूटे कूल्हे का ऑपरेशन किया गया और उसमें स्टील रॉड लगाई गई। समय पर इलाज मिलने से उनकी हालत संभल सकी।
ऑपरेशन के बाद आश्रय का इंतजाम
सिर्फ इलाज ही नहीं, आगे की देखभाल की भी चिंता की गई। समाजसेवी धर्मनाथ पिंटू की मदद से रमेश साह को ऋषि सेवा सदन भेजा गया, जहां वे सुरक्षित माहौल में रह सकेंगे और उन्हें जरूरी सहायता मिलती रहेगी।
टीम के रूप में किया काम
इस सेवा कार्य में रोटी बैंक की ओर से रविशंकर उपाध्याय के साथ पिंटू गुप्ता, सत्येंद्र कुमार, आनंद मिश्र, रंजीत जायसवाल समेत कई सदस्य शामिल रहे। लायंस क्लब ऑफ छपरा की ओर से क्लब के प्रशासक लायन डॉ. विकास कुमार सिंह, डॉ. मनोज कुमार वर्मा, उपाध्यक्ष राकेश कुमार और पीआरओ अनिकेत कुमार मौजूद रहे।
एक सीख
यह घटना बताती है कि किसी जरूरतमंद की रोज की मौजूदगी पर ध्यान देना भी सेवा का हिस्सा है। एक व्यक्ति के दो दिन न आने पर की गई पूछताछ ने समय रहते उसकी जान और सेहत बचा ली। शहर के लोगों ने भी दोनों संगठनों की इस पहल की सराहना की है।
स्रोत: प्रभात खबर
फीचर्ड तस्वीर: छपरा रेलवे स्टेशन | फोटो: Heba Aisha / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0). स्रोत