छठ से पहले संवरेगा छपरा का राजेंद्र सरोवर, विधायक ने मरम्मत के निर्देश दिए
छठ से पहले छपरा के राजेंद्र सरोवर में पैदल पथ, प्रवेश द्वार, 30 मीटर सड़क और ढलान की मरम्मत के निर्देश। विधायक छोटी कुमारी ने नगर आयुक्त संग निरीक्षण किया।

छपरा शहर के ऐतिहासिक राजेंद्र सरोवर को छठ महापर्व से पहले बेहतर रूप देने की तैयारी शुरू हो गई है। छपरा की विधायक छोटी कुमारी ने नगर आयुक्त के साथ सरोवर परिसर का निरीक्षण किया और जरूरी मरम्मत के काम प्राथमिकता से पूरे कराने को कहा। प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार, निरीक्षण के दौरान पैदल पथ, प्रवेश द्वार, अंदरूनी सड़क और क्षतिग्रस्त ढलान की मरम्मत पर विशेष जोर दिया गया।
किन कामों पर रहा जोर
निरीक्षण में सबसे पहले सरोवर परिसर के टूटे पैदल पथ की बात उठी। विधायक ने इसकी मरम्मत और जहां जरूरत हो वहां दोबारा निर्माण कराने का निर्देश दिया। इसके अलावा सरोवर की पश्चिम दिशा में पीपल के पेड़ के पास एक नया प्रवेश द्वार बनाने का सुझाव दिया गया, ताकि श्रद्धालुओं को आने-जाने में आसानी हो।
पोखरा के भीतर गोलंबर से मंदिर तक लगभग 30 मीटर लंबी सड़क बनाने की जरूरत भी बताई गई। साथ ही सरोवर के किनारे जिन हिस्सों में ढलान टूट गई है, उनकी मरम्मत के लिए नगर आयुक्त को कार्रवाई करने को कहा गया।
छठ पर उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़
राजेंद्र सरोवर छपरा की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा स्थान है। हर साल छठ के मौके पर बड़ी संख्या में व्रती और श्रद्धालु यहां पहुंचकर डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देते हैं। ऐसे में घाटों की सफाई, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं का दुरुस्त रहना जरूरी माना जाता है।
विधायक ने बताया कि सरोवर के विकास और मरम्मत का मुद्दा बिहार विधानसभा में भी उठाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि छठ से पहले व्रतियों की सुविधा, साफ-सफाई और घाटों की व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
धरोहर का संरक्षण भी लक्ष्य
विधायक छोटी कुमारी ने उम्मीद जताई कि नगर निगम सभी काम तय समय में पूरे कराएगा, ताकि छठ व्रतियों को किसी तरह की परेशानी न हो। उनका कहना था कि सरोवर का सुनियोजित विकास सिर्फ श्रद्धालुओं की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे शहर की सुंदरता बढ़ेगी और एक पुरानी धरोहर को सहेजने में भी मदद मिलेगी।
शहरवासियों के लिए क्या मायने
छठ के दौरान शहर के कई मोहल्लों के परिवार राजेंद्र सरोवर पर ही अर्घ्य देने आते हैं। पैदल पथ और ढलान की मरम्मत से भीड़ के समय फिसलने और ठोकर लगने जैसी दिक्कतें कम होने की उम्मीद है। नया प्रवेश द्वार बनने पर भीड़ को अलग-अलग रास्तों से आने-जाने की सुविधा भी मिल सकती है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि नगर निगम पर्व से पहले कितने काम पूरे कर पाता है। श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि इस बार सरोवर पहले से अधिक साफ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित दिखेगा।
स्रोत: प्रभात खबर
फीचर्ड तस्वीर: प्रतीकात्मक: भागलपुर के बरारी घाट पर छठ का प्रातः अर्घ्य | फोटो: Vkumarv / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0). स्रोत