वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में नया पर्यटन सत्र शुरू, ऑनलाइन बुकिंग चालू; मदनपुर बना चौथा केंद्र
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में पर्यटन सत्र 2026-27 शुरू। ऑनलाइन सफारी व रूम बुकिंग चालू, मदनपुर चौथा पर्यटन केंद्र, फुल डे सफारी की तैयारी।

बिहार के इकलौते टाइगर रिजर्व, पश्चिम चंपारण स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) में पर्यटन सत्र 2026-27 की विधिवत शुरुआत हो गई है। मानसून के दौरान बंद रहे पर्यटन केंद्र अब फिर से सैलानियों के लिए खुल गए हैं। लाइव हिंदुस्तान की 17 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, वीटीआर प्रशासन ने पर्यटकों के ठहरने, स्वागत और जंगल सफारी से जुड़ी सभी प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
घर बैठे करें सफारी और कमरे की बुकिंग
पर्यटकों की सुविधा के लिए वीटीआर की आधिकारिक वेबसाइट पर सफारी और कमरों की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा शुरू कर दी गई है। सैलानी आने वाले दिनों के लिए जंगल सफारी के साथ-साथ हट और गेस्ट हाउस जैसे ठहरने के विकल्प पहले से बुक कर सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी गेस्ट हाउसों के अलावा क्षेत्र के निजी होटल और रिसॉर्ट भी नए सत्र के लिए तैयार किए गए हैं।
वन संरक्षक सह क्षेत्र निदेशक गौरव ओझा के हवाले से बताया गया कि वाल्मीकिनगर से सुबह 11 बजे सफारी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के साथ सत्र की शुरुआत होनी थी। उन्होंने यह भी कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा और बेहतर अनुभव के लिए सभी कर्मियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं।
बाघ से गैंडे तक, वन्यजीवों को करीब से देखने का मौका
सफारी के दौरान पर्यटक घने जंगल और हरियाली के बीच बाघ, तेंदुआ, गौर (भारतीय बायसन), गैंडा, हिरण, सांभर और भालू जैसे जीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देख सकेंगे। पक्षी प्रेमियों के लिए भी यहां कई प्रजातियों के पक्षी और जलीय जीव आकर्षण का केंद्र रहते हैं।
सुरक्षा और मार्गदर्शन के लिए वनक्षेत्र अधिकारियों, नेचर गाइड, टूरिस्ट गाइड, सफारी चालकों, वनपालों और वनरक्षियों को खास दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
मदनपुर बना 'गेटवे ऑफ वीटीआर'
इस सत्र की सबसे बड़ी नई बात मदनपुर पर्यटन केंद्र है। वाल्मीकिनगर, मंगुराहा और गोवर्धना के बाद अब मदनपुर को वीटीआर का चौथा पर्यटन केंद्र बनाया गया है, जिसे 'गेटवे ऑफ वीटीआर' नाम दिया गया है। यहां कैंटीन और पार्क जैसी सुविधाएं तैयार की गई हैं। मदनपुर से निकलने वाली सफारी में पर्यटक दिल्ली कैंप, गंडक नदी के किनारे और प्रसिद्ध मदनपुर माई देवी स्थान तक जा सकेंगे। प्रशासन को उम्मीद है कि नवंबर के पहले सप्ताह तक यहां से नियमित सफारी चलने लगेगी।
फुल डे सफारी की भी तैयारी
वीटीआर प्रशासन वाल्मीकिनगर से मंगुराहा तक पूरे दिन की जंगल सफारी शुरू करने की योजना पर भी काम कर रहा है। प्रस्तावित रूट घने वन क्षेत्र और गोवर्धना पर्यटन केंद्र से होकर मंगुराहा पहुंचेगा। इसके शुल्क तय करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। इससे सैलानियों को जंगल में अधिक समय बिताने और वन्यजीवों को देखने के ज्यादा अवसर मिलेंगे।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ
पर्यटन सत्र शुरू होने से वाल्मीकिनगर और आसपास के इलाकों में होटल, गाइड, वाहन चालक और छोटे कारोबारियों के लिए भी रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। यदि आप इस सर्दी में परिवार के साथ प्रकृति के करीब समय बिताना चाहते हैं, तो वीटीआर की वेबसाइट पर पहले से बुकिंग कर लेना बेहतर रहेगा।
स्रोत: लाइव हिंदुस्तान
फीचर्ड तस्वीर: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में सफारी का दृश्य (फाइल फोटो)। फोटो: Indianroots5, Wikimedia Commons, CC0. स्रोत