नौतन में रबी महोत्सव: किसानों को सिखाए उन्नत खेती के गुर, आलू-गन्ना साथ उगाने की विधि बताई

नौतन प्रखंड में रबी महोत्सव में किसानों को वैज्ञानिक खेती, मौसम अनुकूल फसल और आलू के साथ गन्ना उगाने की विधि बताई गई।

SubhNews डेस्क25 October 20262 min read0 viewsबेतिया
नौतन में रबी महोत्सव: किसानों को सिखाए उन्नत खेती के गुर, आलू-गन्ना साथ उगाने की विधि बताई

रबी की बुआई का मौसम शुरू होते ही पश्चिम चंपारण के नौतन प्रखंड में किसानों के लिए रबी महोत्सव का आयोजन किया गया। शनिवार, 24 अक्टूबर को प्रखंड कार्यालय में हुए प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण सह उपादान वितरण कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक खेती के तरीके बताए गए। प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार, कार्यक्रम का मकसद किसानों को नई कृषि तकनीकों से परिचित कराना और बेहतर उपज के लिए प्रेरित करना था।

वैज्ञानिक खेती से बढ़ेगा मुनाफा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) गिरधारी लाल ने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से खेती करने और मौसम के अनुकूल फसल चुनने से उत्पादन भी बढ़ता है और किसानों का लाभ भी। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड कृषि पदाधिकारी (बीएओ) नेहाराज ने की।

दीप जलाकर हुआ उद्घाटन

रबी महोत्सव का उद्घाटन बीडीओ गिरधारी लाल, बीस सूत्री अध्यक्ष छोटे लाल कुशवाहा, आत्मा अध्यक्ष रामाधार कुमार, बीस सूत्री उपाध्यक्ष अरुण कुशवाहा, बीएओ नेहाराज, किसान राघव प्रसाद, जिला सहायक मुस्तफा अंसारी और तकनीकी प्रबंधक शालनी कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया।

किसान ने किसान को सिखाया

कार्यक्रम का एक खास हिस्सा तब रहा जब किसान राघव प्रसाद ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने रबी फसलों की खेती में आने वाली चुनौतियों के बारे में बताया और आलू के साथ गन्ना उगाने की विधि समझाई। इस तरह की मिश्रित खेती में एक ही खेत से दो फसलों का लाभ लेने की संभावना रहती है। उन्होंने प्राकृतिक और रासायनिक खेती के फायदे और नुकसान पर भी विस्तार से बात की, ताकि किसान अपनी जरूरत के हिसाब से सही फैसला ले सकें।

क्यों अहम है रबी महोत्सव

अक्टूबर-नवंबर में गेहूं, आलू, दलहन और तिलहन जैसी रबी फसलों की बुआई होती है। इस समय सही बीज, खाद, बुआई का समय और सिंचाई की जानकारी मिलने से पूरे सीजन की उपज पर असर पड़ता है। प्रखंड स्तर के ऐसे कार्यक्रमों में किसान सीधे कृषि अधिकारियों और अनुभवी किसानों से सवाल पूछ सकते हैं और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी पाते हैं। कार्यक्रम को प्रशिक्षण सह उपादान वितरण के रूप में आयोजित किया गया था।

कई कृषि कर्मी रहे मौजूद

कार्यक्रम में अवधेश प्रसाद, कृषि सलाहकार सुनील कुमार, प्रदीप कुमार, जितेंद्र कुमार और शंभु सोनी समेत कई लोग मौजूद रहे।

खेती से जुड़े ऐसे प्रशिक्षण चंपारण के किसानों को बदलते मौसम के बीच भी बेहतर उपज की राह दिखाते हैं। जिन किसानों को इस कार्यक्रम की जानकारी नहीं मिल पाई, वे अपने प्रखंड कृषि कार्यालय या कृषि समन्वयक से संपर्क कर रबी सीजन की योजनाओं के बारे में जान सकते हैं।

स्रोत: प्रभात खबर

फीचर्ड तस्वीर: बिहार के नौकाटोला गांव में गेहूं का खेत, फरवरी 2026 (प्रतीकात्मक, खबर से जुड़ी तस्वीर नहीं)। फोटो: Saddam19, Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0. स्रोत

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