गंडक पर बनेगा बिहार का सबसे लंबा पुल, बेतिया से गोरखपुर-कुशीनगर की दूरी घटेगी
बेतिया के मनुआपुल से कुशीनगर के सेवराही तक गंडक पर 12 किमी पुल प्रस्तावित, लागत करीब 2000 करोड़। केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार।

पश्चिम चंपारण और उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल के बीच आवाजाही आने वाले वर्षों में काफी आसान हो सकती है। बेतिया के पास गंडक नदी पर करीब 2000 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ा सड़क पुल बनाने की तैयारी है, जो बिहार का सबसे लंबा पुल होगा। लाइव हिंदुस्तान की 6 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, इस परियोजना को केंद्रीय कैबिनेट से जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
मनुआपुल से सेवराही तक
रिपोर्ट के मुताबिक, यह पुल राष्ट्रीय राजमार्ग 727एए पर बनेगा और बेतिया के मनुआपुल को कुशीनगर (उत्तर प्रदेश) के तिवारीपट्टी सेवराही से जोड़ेगा। नदी पर पुल की लंबाई लगभग 12 किलोमीटर होगी, जबकि दोनों ओर की संपर्क सड़कों (अप्रोच रोड) को मिलाकर पूरी परियोजना करीब 29.5 किलोमीटर लंबी होगी।
वित्तीय स्वीकृति पहले ही, अब कैबिनेट का इंतजार
परियोजना को अक्टूबर 2025 में वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी थी। तब से इसके निर्माण की अंतिम मंजूरी का इंतजार है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस बारे में बिहार के पथ निर्माण विभाग और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के बीच बातचीत हुई है। केंद्रीय कैबिनेट की मुहर लगते ही निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल पर होगा निर्माण
पुल का निर्माण हाइब्रिड एन्युइटी मोड (हैम) में प्रस्तावित है। इस व्यवस्था में चुनी गई निर्माण एजेंसी कुल लागत का 60 प्रतिशत हिस्सा खुद लगाएगी और 40 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार देगी। एजेंसी को 15 साल तक पुल और सड़क का रखरखाव भी करना होगा और वह टोल के जरिए अपनी लागत वसूलेगी।
किन्हें होगा फायदा
पुल बनने के बाद बेतिया से गोरखपुर और कुशीनगर की दूरी घट जाएगी। पश्चिम चंपारण के साथ पूर्वी चंपारण के लोगों के लिए भी उत्तर प्रदेश जाना सुगम होगा। गोरखपुर, कुशीनगर, तमकुही राज और सेवराही जैसे इलाकों तक पहुंचना आसान होगा।
चंपारण के लिए इसका अर्थ केवल समय की बचत नहीं है। बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार, खेती की उपज की ढुलाई, इलाज और पढ़ाई के लिए आने-जाने वाले लोगों, और दोनों राज्यों के बीच रिश्तेदारी निभाने वाले परिवारों को सीधी राहत मिलती है। गंडक के दोनों किनारों के बीच अब तक की लंबी घुमावदार यात्रा भी कम हो सकती है।
आगे क्या
फिलहाल परियोजना केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के चरण में है। मंजूरी के बाद एजेंसी के चयन और निर्माण की समय-सीमा जैसी जानकारियां सामने आएंगी। सुभन्यूज इस परियोजना की प्रगति पर नजर बनाए रखेगा।
स्रोत: लाइव हिंदुस्तान
फीचर्ड तस्वीर: भारतीय तट से गंडक नदी का दृश्य (फाइल फोटो)। फोटो: Abkhanal, Wikimedia Commons, CC BY 3.0. स्रोत