गंडक पर वाल्मीकिनगर से नौतन तक बनेगा 80 किमी रिंग बांध, राज्य सरकार की मंजूरी
वाल्मीकिनगर से नौतन तक गंडक पर 80 किमी रिंग बांध को बिहार सरकार की मंजूरी। केंद्र से राशि मिलते ही निर्माण शुरू होगा।

हर साल गंडक की बाढ़ झेलने वाले पश्चिम चंपारण के लोगों के लिए एक उम्मीद भरी खबर है। जिले में गंडक नदी के किनारे वाल्मीकिनगर से बेतिया के नौतन तक लगभग 80 किलोमीटर लंबा रिंग बांध बनाने की योजना को बिहार सरकार ने मंजूरी दे दी है। लाइव हिंदुस्तान की 17 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है और केंद्र से राशि जारी होते ही निर्माण शुरू किया जाएगा।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने दी जानकारी
यह जानकारी केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने योगापट्टी में दी, जहां वे बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच राहत सामग्री बांटने पहुंचे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि केंद्र से रिंग बांध के लिए राशि जल्द मिले, इसके लिए प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में लौरिया के विधायक विनय बिहारी भी मौजूद थे।
किस इलाके को मिलेगी सुरक्षा
विधायक विनय बिहारी के अनुसार, प्रस्तावित रिंग बांध वाल्मीकिनगर से नौतन तक लगभग 80 किलोमीटर के क्षेत्र को कवर करेगा। उन्होंने कहा कि गंडक की बाढ़ की सबसे ज्यादा मार पश्चिम चंपारण के लोग झेलते हैं, और बांध बनने से दियारा क्षेत्र समेत आसपास के बाढ़ प्रभावित इलाकों को राहत मिल सकती है।
रिंग बांध क्या होता है
रिंग बांध नदी किनारे की आबादी और खेतों को घेरकर बनाया गया तटबंध होता है, जो बाढ़ के पानी को बस्तियों और फसलों तक पहुंचने से रोकने में मदद करता है। गंडक जैसी नदी, जिसका जलस्तर पहाड़ों में बारिश के साथ तेजी से बढ़ता है, के किनारे ऐसे ढांचे लोगों के जान-माल और खेती को बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
राहत वितरण भी हुआ
उसी कार्यक्रम में योगापट्टी प्रखंड परिसर में कोल इंडिया के सहयोग से गंडक की बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री दी गई। यह इस बात की याद दिलाता है कि स्थायी समाधान कितना जरूरी है।
आगे की राह
रिंग बांध परियोजना अभी केंद्र से धन मिलने के चरण में है। राशि जारी होने के बाद इसके डिजाइन, निर्माण एजेंसी और समय-सीमा से जुड़ी जानकारी सामने आएगी। यदि यह योजना तय समय पर जमीन पर उतरती है, तो वाल्मीकिनगर से नौतन तक के हजारों परिवारों को हर साल की बाढ़ की चिंता से बड़ी राहत मिल सकती है। सुभन्यूज इस योजना की हर प्रगति पर पाठकों को जानकारी देता रहेगा।
स्रोत: लाइव हिंदुस्तान
फीचर्ड तस्वीर: वाल्मीकिनगर, चंपारण में गंडक नदी (फाइल फोटो)। फोटो: Praanshu, Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0. स्रोत